दर्पण के उसपार

दर्पण के उसपार🌿🌿🌿🌿🌿दर्पण! झूठ ना बोले, कहा किसीनेपर दिखाता वही, जो हम हैं चाहते।देखना  पड़ेगा,  दर्पण के  उस पारजहाँ छुपी बैठी हैं,  हमारी करतूतें ।और जीवन भर का, लेखा – जोखातब  अपने से  ही, घिन  आजायेगी।और होगा…

प्राणवायु

प्राणवायु🌿🌿🌿नभ के तारे झिलमिल झिलमिल,करते और शर्माते हैंचाँद अकेला उन पर भारी, फिर भी वो खुश रहते हैं।उनकी अपनी अलग कहानी, चाँद तो घटता बढ़ता हैकभी इकहरा कभी है मोटा, यूं ही फिरता रहता है।गर चाँद न…

सुर की धार

सुर की धार🌺 🌿 🌺मन  और  वाणी के तारजब तक न हों एकाकारतब – तब  बिखरेगा सुरहो न पायेगा मधुर झंकार ।सुर संधान कोई खेल नहींसाज ले  लिया  हाथ में ?और कर दिया आलापनमिटाना पड़ेगा मन का…

कंक्रीट के महल

कंक्रीट के महल🌿🌿🌿🌿🌿मैं पापी हूँ अपना बोझ ढो रहा हूँअमृत समझ कर जहर पी रहा हूँजीवनदायी वृक्षों का कर पातन“कंक्रीट”के महल में सो रहा हूँ ।अरे! वातानुकूलित निष्क्रिय हुआक्या वायु का दबाव कम हुआहाँ भइ! वृक्ष नहीं…

राह-ए-सुकूं

राह-ए-सुकूं🌿 🌺 🌿ऐ सखि ! जरा फिर से, मुस्कुराओ नाउदास क्यों हो,  खिलखिलाओ ना।चुभती है तुम्हारी उदासी शूल समऔर हंसने से खिलखिलाते हैं तारेफिर तारों की तरह, मुस्कुराओ ना।पहले तुम्हें  कभी  उदास न देखाइस तरह कभी नाराज…

लाठी एक गुण अनेक

लाठी एक गुण अनेक●लाठी बहुतै काम की, लाठी राखो साथ ।दुश्मन को कबू करे, वाकै अनेक हाथ।।बुढापे में जब कमर झुके, लाठी का सहारा ।लाठी देख के  साँप भी, कर लेता किनारा।।झूठा भी जब लाठी देखे, उगले…

नव विहान

नव विहान********बीती विभावरि, हुआ नव विहानगगन छाई लालिमा, अधरों पै मुस्कान ।नव विहान के आंगन में,खिलेंगे अनमोल अगणित पुष्पलिये हाथों में, अपने- अपने अरमान ।धूप सूरज की देती है जीवन,होता हैं विकसित, कलियों का जीवन।इसी जीवन को…

भोर की बतियां

भोर की बतियां⚘🌿🌺🌿⚘जब भयी भोर उजियारा छायाकलियाँ खिली और मन मुस्कायापंछी चले दाना चुगनेपनघट पर पनिहारन का झुंड आया।आपस में यूं करती बतियांक्यों री ! तूने नहीं बतायातेरा पिया घर आया है, बोल क्या क्या लाया।माथे की…

वन्दे मातरम्

वन्दे मातरम्🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳सूरज निकला सुबह सबेरे,चहक उठी हैं चिड़ियां।मेरे घर आंगन में देखो, महक उठी हैं  कलियां।रात गयी और बात गयी, खेलन लागी सखियां ।आओ नन्हीं आओ मुन्नी, प्यारी है यह दुनियां ।खेल-खेल में शहर बसाया, और बना…

अलग दुनियाँ

अलग दुनियाँ●बसा लेते हैं अलग दुनियाँ, बेटे जवान होने परक्या करें वो बूढे माँ-बाप, बेसहारा हो जाने पर ।पाला था बड़े नाजों से, बुढापे का होगा सहारावो तो छुड़ा गया दामन, ब्याहता हो जाने पर ।खयाल आया…

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