लिक्खूँ क्या सौंदर्य तुम्हारा

लिक्खूँ क्या सौंदर्य तुम्हारा?चूके शब्द, चकित मन हाराप्रिये कहाँ से शब्द वो लाऊँबरनै जो मृदु रूप तुम्हारा।। कौन से छंद में तुमको बाँधूँकहो तुम्हें मैं क्या उपमा दूँ?अलंकार वो कौन सा होगाव्यक्त करे जो रूप तुम्हारा? प्रेरणा…

लाठी एक गुण अनेक

लाठी एक गुण अनेक●लाठी बहुतै काम की, लाठी राखो साथ ।दुश्मन को कबू करे, वाकै अनेक हाथ।।बुढापे में जब कमर झुके, लाठी का सहारा ।लाठी देख के  साँप भी, कर लेता किनारा।।झूठा भी जब लाठी देखे, उगले…

नव विहान

नव विहान********बीती विभावरि, हुआ नव विहानगगन छाई लालिमा, अधरों पै मुस्कान ।नव विहान के आंगन में,खिलेंगे अनमोल अगणित पुष्पलिये हाथों में, अपने- अपने अरमान ।धूप सूरज की देती है जीवन,होता हैं विकसित, कलियों का जीवन।इसी जीवन को…

भोर की बतियां

भोर की बतियां⚘🌿🌺🌿⚘जब भयी भोर उजियारा छायाकलियाँ खिली और मन मुस्कायापंछी चले दाना चुगनेपनघट पर पनिहारन का झुंड आया।आपस में यूं करती बतियांक्यों री ! तूने नहीं बतायातेरा पिया घर आया है, बोल क्या क्या लाया।माथे की…

वन्दे मातरम्

वन्दे मातरम्🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳सूरज निकला सुबह सबेरे,चहक उठी हैं चिड़ियां।मेरे घर आंगन में देखो, महक उठी हैं  कलियां।रात गयी और बात गयी, खेलन लागी सखियां ।आओ नन्हीं आओ मुन्नी, प्यारी है यह दुनियां ।खेल-खेल में शहर बसाया, और बना…

हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार प्राचीन भारत में संगीत की स्थिति

हिन्दू जनजीवन में संगीत मुख्यतः दो प्रकार से सम्मिलित रहा है। पहला प्रकार विशुद्ध रूप से भक्तिसंगीत का है जिसके अंतर्गत अपने उपास्य की भक्ति तथा उसके गुणों का गान करना गायक अथवा भक्त का एकमात्र उद्देश्य…

हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार संगीत की उत्पत्ति

संगीत के प्रति मानव सर्वप्रथम कब तथा किस प्रकार आकर्षित हुआ, स्पष्ट रूप से कहना अत्यंत विवादास्पद होगा। किन्तु संभवतः जब मानव किसी अपार प्रसन्नता को पाकर अकस्मात् उछलने-कूदने लगा होगा, शायद वही उसका प्रारम्भिक नृत्य रहा…

अलग दुनियाँ

अलग दुनियाँ●बसा लेते हैं अलग दुनियाँ, बेटे जवान होने परक्या करें वो बूढे माँ-बाप, बेसहारा हो जाने पर ।पाला था बड़े नाजों से, बुढापे का होगा सहारावो तो छुड़ा गया दामन, ब्याहता हो जाने पर ।खयाल आया…

मन का भीषण समर न देखा

मन का भीषण समर ना देखाभाग्य का मेरे भँवर ना देखाअपना कहलाने वालों नेहृदय का सूना घर ना देखा।। बाल्यकाल का हठ ना जानाना यौवन का स्वप्न ही जानामेरे सीमित साधन से जोकुछ था बाहर, उधर ना…

रूठकर तक़दीर ने इस तरह बदला लिया

रूठकर तक़दीर ने इस तरह बदला लियाहमने जो भी चाहा उसको ग़ैर का बना दिया।। ले के उम्मीदों की झोली जिसकी चौखट पर गएउसने हमको एक अनजाना पता बता दिया।। अपना जज़्बा ये कि उस पे जान…

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