ग़ज़ल – है तकाज़ा इश्क़ का, अब दोस्त बनके ही रहो

है तकाज़ा इश्क़ का अब दोस्त बनके ही रहोकह रही है दिलरुबा अब दोस्त बनके ही रहो।। जो कि मेरे नाम से मशहूर थी होने लगीवो कहीं कर आई वादा, दोस्त बनके ही रहो।। दिल कहे कि…

ग़ज़ल – लब पे तेरा नाम आया

लब पे तेरा नाम आया, यूँ ख़ुदा के साथ मेंबंदगी औ इश्क़ दोनों, हो गए इक साँस में।। तोड़ दुनियाँ की रवायत, छोड़ इसकी उलझनेंमाँगने कुछ मैं हूँ आया, आज तेरे पास में।। इश्क़ का अब है…

हिन्दू धर्मग्रंथों में संगीत

अध्याय एक- हिन्दू धर्म एवं उसके प्रमुख धर्मग्रंथ।। हिन्दू धर्मग्रंथों में संगीतअध्याय एक – हिन्दू धर्म एवं उसके प्रमुख ग्रंथहिन्दू धर्मग्रंथों में संगीत से पूर्व हिन्दू धर्म,इसकी प्रमुख मान्यताओं तथा इसके प्रमुख ग्रंथों पर चर्चा करना मेरे…

सरयू से सागर तक भाग – 327

मन मष्तिष्क की अत्यंत सूक्ष्म अभिव्यक्ति है।बस्तुतः मष्तिष्क की रचना धर्मिता ही मन है।जिसको केंद्रीय स्नायुतन्त्र कहते हैं।हम सबका केंद्रीय स्नायुतन्त्र इतना संवेदनशील होता है कि हमारी दैनिक जीवन की सारी कार्यविधियों का संचालक मन होता है।यहां…

माँ

लिखने चला तुझपे कविता माँमन के मृदुल भावों को जगाबुद्धि, लेखनी दोनों हैं चुपहृदय निरंतर बोल रहा।। प्रथम गुरु तुम प्रथम प्रेयसीप्रथम ईश इस जीवन कीतुम दाता इस तन औ प्राण कीमैं तो बस याचक ठहरा। तेरी…

प्रस्तावना – हिन्दू धर्मग्रंथों में संगीत।

भारतभूमि प्रारंभिक काल से ही कला-संस्कृत, विज्ञान तथा धार्मिक विषयक अन्वेषण का केंद्र रही है। हज़ारों वर्षों पूर्व जब विश्व की अधिकांश सभ्यताएँ अज्ञान के घोर अंधकार में आकण्ठ डूबी हुई थीं तब यहां के ऋषि-मुनिगण पवित्र…

शुभ कामना

मैं साहित्य सुधा वेब पत्रिका के सफलता की कामना करते हुए श्री दिनेश चंद्र पाठक को हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सुधी पाठक अपने लेख व विचार इस पत्रिका में साझा करेंगे ताकि…

शुभकामना संदेश

यह हर्ष का विषय है कि शिक्षक साथी श्री दिनेश चंद्र पाठक ( संगीत अध्यापक, राजकीय आदर्श इण्टर कालेज, जयहरीखाल, पौड़ी गढ़वाल ) द्वारा हिंदी साहित्य के संवर्धन हेतु “साहित्य सुधा ” नामक वेब पत्रिका का शुभारम्भ…

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